Friday, 2 October 2015

क्या डेंगू के बढ़ते प्रकोप को स्वच्छ्ता अभियान की सफलता माना जाये ?

जी हाँ दोस्तों हमारे सामने जब यह सवाल खड़ा होता है तो इसका जवाब यही है की स्वच्छ्ता अभियान से देश को फायदा हुआ हो या ना हुआ हो लेकिन लगता है डेंगू को जरुर हुआ क्यूंकि डेंगू का मछर गंदे पानी में तो पनपता नही वह तो साफ़ पानी में ही पनपता है इस देश का तो भगवान ही मालिक है जहाँ बड़े-बड़े फ़िल्मी सितारों से लेकर संसद भवन जैसी जगहों पर डेंगू का लार्वा पाया गया है जिसे की स्वच्छ्ता अभियान की असलियत खुलके सामने आ जाती है डेंगू के कारण रोजाना हजारों की तादाद में लोग अस्पतालों में भर्ती हो रहे है और दिनों-दिन डेंगू के कारण होने वाली मौतों का आंकड़ा बढ़ता ही जारा है जिसमे केंद्र और राज्य सरकार दोनों का ही दोष है क्यूंकि जब तक सर पे तलवार न लटकी हो तब तक प्रशाशन की आँखें खुलती ही नही डेंगू से निपटने के लिए अस्पतालों में जो इंतजाम अब किये जा रहे है वो अगर  पहले ही कर लिए जाते तो शायद हालात काबू में होते लेकिन नही केंद्र और राज्य सरकारों को एक दुसरे पर आरोप लगाने आपस में लड़ने से ही फुर्सत नही मिल रही है जिसकी वजह से जनता को भुगतना पड़  रहा है केवल झाड़ू लगाते हुए फोटो खिचवालेने से स्वच्छ्ता अभियान सफल नही होगा बल्कि वो तो हम सभी के प्रयासों पर निर्भर है इसलिए मेरी केंद्र और राज्य सरकार दोनों से अपील है की आपस में एक दुसरे  पे आरोप न लगाके आपसी तालमेल से काम करे तभी स्वच्छ्ता अभियान सफल हो पायेगा और भारत स्वच्छ बन पायेगा
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