Tuesday, 20 October 2015

बढ़ता प्रदूषण बढती परेशानियाँ

जी हां दोस्तों दिनो-दिन प्रदूषण बढ़ता ही जारा है जिसे लोगो को अपनी रोज़मरा की जिंदगी में अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है और सबसे चौकाने वाली बात तो यह है की राजधानी दिल्ली प्रदूषण के मामले में सबसे आगे निकल चुकी है मतलब दुनिया के तमाम प्रदूषित शहरों  में से दिल्ली प्रथम स्थान पर है उसने चीन के बिजिंग शहर को भी पीछे छोड़ दिया यदि हमने अभी कुछ नही किया तो यह स्थिति एक भयानक भविष्य की और ले जाएगी अभी जितनी मौते डेंगू और मलेरिया से नही होती उसे कहीं ज्यादा  तो हर साल सांस की बीमारियों से हो जाती है रोजाना हजारों की तादाद में लोग अस्पतालों में साँस की बीमारियों के चलते भर्ती हो रहे है जिसमे सबसे प्रमुख है अस्थमा के मरीज केवल अस्थमा ही नही बल्कि और भी ऐसी जानलेवा बीमारियाँ है जो लोगों को कष्ट दे रही है जैसे की दमा, कैंसर इत्यादि दिल्ली सरकार केवल अपनी सारी गलतियों का ठीकरा केंद्र सरकार पे फोडती रहती है वह दिल्ली पुलिस को राज्य को देने के लिए केंद्र से रोज लडती रहती है लेकिन शायद सताह के नशे में चूर दिल्ली सरकार का ध्यान इस बढती मुसीबत की और नही जारा है यहाँ लोग प्रदूषण से होने वाली बीमारियाँ और डेंगू जैसी जानलेवा बीमारियों से लोग परेशान है लेकिन दिल्ली सरकार तीसरा मोर्चा बनाने में व्यस्त है अरे जमीन और कानून जैसे कुछ चुनिंदा कानून उसके दायरे से बहार है लेकिन बाकी सारे कानून तो उसके दायरे के अंदर है ना तो क्यों नही इस स्थिति पर काबू करने लायक नीतियाँ बनाने की वजाए केंद्र से झगड़ने में व्यस्त है ऐसे कुछ तामाम कानून है जिन्हें लागु करने से इस परेशानी से निजात दिलाने में सक्षम है जैसे दिल्ली में भी राजस्थान की तर्ज पे "रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम" लागु किया जाना चाहिए बारिश के पानी को बचाने के लिए टैंक्स,तालाब यमुना की साफ़-सफाई आदि,प्रदूषण करने वाले वाहनों पर सख्त जुरमाना एवंम सजा दोनों होनी चाहिए इन सभी चीजो को लागु कर स्थिति काबू में लायी  जा सकती है तो इसलिए मैं विनती करता हूँ की इस समस्या को जड़ से ख़तम करने हेतु हमे अपने स्तर पर और सरकार अपने स्तर पर कुछ ठोस कदम उठाये और जनता को इस समस्या से जितनी जल्दी हो सके राहत दिलाये यदि इस साल स्व हम दिवाली पे पटाखों का उपयोग करना कम करे और धीरे इनका इस्तेमाल बंद ही कर दे तो आपको प्रदूषण की मात्र में भरी गिरावट देखने को मिलेगी क्यूंकि हर साल दिवाली के नाम पे हम अपने वातावरण की हालत बद से बदतर करते जा रहे है इसकी वजाए हम बड़े स्तर पे पौधारोपण पे ध्यान दे स्थिति को काबू में लाया जा सकता है साथ ही हमे जरुरत है की भविष्य में रिन्यूएबल एनर्जी से चलने वाले वाहनों का प्रोत्शाहन करे जिसे की हमारा वातावरण स्वच्छ और साफ़ हो सके और हम इस धरती की बुझी हुई लौ को दोबारा से प्रजोलित्त कर सके
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