Saturday, 24 September 2016

पाकिस्तान को पहले मानो की है वो आतंकिस्तान वही होगी वीर सपूतो को सच्ची श्रधांजलि

उरी हमले के बाद देश गुस्से में है ज़्यादातर लोग आपको यह कहते मिलेंगे की भारत को पाकिस्तान पे हमला कर देना चाहिए या फिर युद्ध छेड देना चाहिए आर -पार की लडाई होनी चाहिए | मैं उनकी भावनाओं का सम्मान करता हूँ | वह भावुक हो कर यह कह रहे| शहीदों के परिवारों पर क्या गुजर रही है| उस दर्द कों भले ही मैं अनुभव ना कर पायूं| लेकिन मेरा ऐसा मानना है की जो लोग परमाणु या फिर आर-पार की लड़ाई  इस तरह  की जो बाते करते है| वो एक बार दोबारा विचार जरुर करे क्यूंकि ऐसी अवस्था में वो लोग जाने-अनजाने में अपनी ना जाने कितनी ही पीढियों को एक अंधकार से भरे भविष्य की और धकेल रहे है| हिरोशिमा और नागासाकी पे जब एटम बम गिराए गये तब से लेके आजतक वहां पे जो बच्चे पैदा होते है| वो किसी ना किसी शारीरिक विकृति से ग्रस्त है| इतनी दूर क्या जाना भोपाल गैस त्रासदी के बारे में तो सब ने सुना ही होगा| जरा वो लोग जो परमाणु युद्ध को  सही मानते है| जाके देखे की भोपाल हादसे के इतने साल बाद भी वहां पे जो पैदा हो रहे है| वो कितने ही प्रकार की शारीरिक रोगों अथवा विकृतियों का शिकार है| भले ही एटमी जंग की सूरत में पाकिस्तान का नामो-निशान क्यों ना मिट जाए लेकिन भारत का भी  कोई  कम नुक्सान नही होगा| और वैसे भी हिन्दुस्तान पहले परमाणु हमला नही करने के वायदे के बंधन में है| तो इन सब स्थितियों को देखते हुए मेरा नज़रिया यह है की परमाणु बम अंतिम विकल्प हो सकता है| लेकिन सिर्फ एक विकल्प नही हो सकता| तो ऐसे में वो कौन से तरीके है जिसे आतंकिस्तान को सबक भी सिखाया जा सके और देश पे भी कोई बड़ी मुसीबत ना आये| यानी सांप भी मर जाए और लाठी भी ना टूटे तो ऐसे कई तरीके है| लेकिन पहले हमारे मुल्क की सरकारे हमारे नेता आतंकिस्तान पे कोई बड़ा फैसला या पक्ष तो रखे| हर देशवासी की तरफ से मैं यह सवाल पूछना चाहता हूँ| की 70 सालो बाद भी हम यह तय नही कर पा रहे की आतंकिस्तान हमारा दुश्मन है या नही? उल्टा हमने पकिस्तान को सबसे प्रिय मुल्क का दर्जा दे रखा है| यही कारण है की भारत के और उनके राजनेताओं के दौहरे रवैये के चलते अंतराष्ट्रीय
समुदाय पापिस्तान पे कोई भी कड़ी कारवाही करने से पहले दो बार सोचता है|और हिन्दुस्तान द्वारा सैकड़ो बार आतंकिस्तान को बेनक़ाब करने के बावजूद पाकिस्तान को अंतरास्ट्रीय समुदाय की आँखों में धुल झोकने का मौका मिल जाता है| मैं यह कतई नही कह रहा है की राजनेता या सरकारे भ्रस्ट है| कुछ भ्रस्ट हो सकते है| लेकिन ज़्यादातर ठीक-ठाक अच्छे लोग भी है| परंतु खोट हमारी पाक नीति में है| क्यूंकि मैंने देखा है की सभी सरकारों में पाकिस्तान को लेकर बड़ी उलझन रहती है| की पाकिस्तान से रिश्ते सुधारे जाए या नही और जितनी बार  भी हमने रिश्ते सुधारने की कोशिश करी पडोशी ने उतनी ही बार पीठ में छुरा घोंप दिया| अजीब विडंबना है की जहाँ एक और हमारा देश पाक-नीति को लेकर उलझन में रहता है| वंही अमेरिकी संसद में पकिस्तान को आतंकिस्तान  घोषित करने के लिए विधेयक पेश कर दिया जाता है| और यूरोपीय संघ भी पापिस्तान के   के बलूचिस्तान में पापों को देखकर उन्हें चेतावनी जारी कर देता है| इन मुल्को से सबक लेकर हिन्दुस्तान को भी अपनी पाक-नीति में पारदर्शिता रखनी चाहिए| और जब देशवासी और सरकारे यह मानती है की पाकिस्तान एक दुश्मन मुल्क है| तो उसके साथ वैसा ही व्यवाहार करना चाहिए क्यूंकि पापिस्तान की तरफ से यह साफ़ हो चूका है की वह सुधरने वाला नही है| उसे बात की नही लात की भाषा समझ में आती है| बरहाल मुद्दे से हम भटक रहे यह कुछ  वो तरीके जो आतंकिस्तान को बर्बाद कर सकते है| सबसे पहले सभी प्रकार के व्यापारिक,सामरिक और आर्थिक संबंधो का बहिष्कार कर देना चाहिए| क्यूंकि जब हमारे किसान उगाते है तब जाके पाकिस्तान समेत आधी दुनिया का पेट भरता है| हमे अपने दूतावास को अतंकिस्तान से वापिस बुला लेना चाहिए और उनके दूतावास को उनके देश वापिस भेज देना चाहिए यहाँ तक की भारत को आतंकिस्तान के साथ वीज़ा पॉलिसीस को बंद कर देना चाहिए क्यूंकि बड़ी संख्या में पाकिस्तान के लोग अपना इलाज कराने हिन्दुस्तान में आते है| क्यूंकि यहाँ उन्हें बाकी दुनिया से बेहतर सस्ता इलाज पड़ता है| और वैसे भी यह सब कार्य एक प्रक्रिया माने जाते है| जब कोई देश किसी देश को दुश्मन घोषित कर देता है| इन सबसे जो परिणाम निकलेगा वो किसी युद्ध में पाकिस्तान को हराने से भी ज्यादा घातक होगा| जैसे की पाकिस्तान कर्ज में डूबा हुआ देश तमाम  मीडिया और बुद्धिजीविओ कि रिपोर्ट के अनुसार 2017-18 तक पाकिस्तान दिवालिया मुल्क बन सकता है| जहाँ की आधी से ज्यादा आबादी मूलभूत सुविधाओ के लिए तरसती है| तो आप अंदाज़ा लगा सकते है की ऐसे कदम उठाकर पाकिस्तान को उसकी औकात दिखाई जा सकती है| इसका परिणाम यह होगा की जिस तरह का आंदोलन इस वक़्त पाकिस्तान के बलूचिस्तान के प्रांत में चल रहा है| वहां के लोग आतंकिस्तान से अलग होना चाहते है| वैसे आंदोलन बड़े स्तर पे पाकिस्तान के हर सूबे में शुरू हो जायेंगे लोगो का सरकार के प्रति आक्रोश बढेगा आंतरिक गृह युद्ध के हालात होंगे और पाकिस्तान कई टुकडो में बट जाएगा| जिसे पाकिस्तान का वजूद ही दुनिया के नक़्शे से हमेशा के लिए समाप्त हो सकता है| तो इसलिए मैं अपने सभी देशवासियों से दरख्वास्त करना चाहूंगा की जिस तरह आप सड़को पे निकलकर पाकिस्तान को मुह्तौड़ जवाब देने का सरकार पे दबाव डाल रहे है| ठीक उसी प्रकार पाकिस्तानी कलाकारों और तमाम लोगो जो हिन्दुस्तान में रहकर कमा रहे है| उनकी फिल्मो का उनके गानों का उनकी किताबो का और उनको देश से भगाने के लिए भी आंदोलन करे और सरकार पे दबाव बनाये की आतंकिस्तान से सभी प्रकार के संबंध ख़तम करे यही उन शहीदों को सच्ची श्रधांजलि होगी|


जय हिन्द 
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