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Monday, 31 July 2017

नार्थ कोरिया ओर पाकिसतान दुनिया के लिए बन सकते है गहन संकट

द्क्षिण एशिया मे पाकिस्तान अोेर पूर्व मे नार्थ कोरिया दोनो इस वक्त दुनिया के लिए एक गहरा संकट है| दोनो देशो मे एसे हालात बन रहे है जो दुनिया को तीसरे विश्व युद्ध या एक बहुत बडे वैशविक संकट कि ओर धकेल सकते है| जहां एक ओर पाकिस्ताम मे तख्तापलट होना ना केवल पाकिस्तान बल्कि भारत के लिए भी  एक बडा खतरा हो सकता है कारण पाकिस्तान मे जब भी तख्तापलट होता है तब वहां कि सेना सत्ताह पे काबिज होने कि कोशिश करती है ओेर अपना प्रभुत्व स्थापित करती है| पाकिस्तान का इतिहास रहा है जब भी वहां तख्तापलट हुअा तब तब भारत से जंग हुई ओर इस समय तो अार्थिक रुप से भी अातंकिस्तान दिवालिया होने के निकट है इसी के साथ पाकिस्तान के परमाणु बम के अातंकियो के हाथ मे जाने का खतरा लगातार बना हुअा है| अातंकिस्तान कि भारत के प्रति द्वेष कि भावना इतनी प्रबल है कि उसके लिए पाकिस्तान किसी भी हद तक जा सकता है यहां तक कि अपने परमाणु तकनीख को दूसरे देशो को बेचने कि कोशिश पहले कर चुका है| अोर विश्व के विद्वानो का तर्क है कि पाकिस्तान अपने अार्थिक संकट के लिए एटम बम कि तकनीक दूसरेे  देशो को बेचने से परेह्ज नही करेगा|वही दूसरी ओर उतर कोरिया लगातार लंबी दूरी तक वार करने वाली मिसाईलों का परीक्षण करने मे लगा हुअा है जिसके चलते रोज अमेरिका से युद्ध कि धमकी देने से बाज नही अाता अभी हाल ही मे जानकारो कि माने तो पाकिस्तान भी नार्थ कोरिया के इन प्रयासो मे उसकी तकनीकी रुप से सहायता कर रहा है| उसने जापान केि सीमा मे अपना मिसाइल परीक्षण किया जिसके जापान सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया है| ओर अमेेरिका ने अपना बमवर्षक वाहन जापान ओर उतर कोरिया कि सीमा मे तैनात कर दिए ओर जरुरत पडने पर ठोस कदम उठाने से भी नही चुकेगा वही दूसरी अोर गौर करने वाली बात यह है कि कोरिया हो या अातंकिस्तान इन दोनो को चीन का संरक्षण प्राप्त हो रहा है| उलटा किम जोंग उत्तर कोरिया को समझाने कि बजाय चीन अमेरिका कोई हिदायत दे रहा है उधर अाज ही अास्ट्रेलिया मे विमानो के जरिए अातंकी हमले साजिश नाकाम कि ग‌यी है अोर जांच एेजेंसियो को अापरेशन के हैन्डलर्स पाकिस्तान मे मौजूद होने सबूत मिले है| इसे इस बात को बल मिलता है कि अातंकिस्तान मे सेना ओर अातंकियो मे कोई फर्क नही है ओर ना जाने कब पाकिस्तान के एटम बम अातंकियो के हाथ लग जाए अाप देख ही सकते है किस प्रकार गंभीर परिस्थितियां उमड रही है जिसमे 3-6 देश सीधे तरह से सम्मलित है एक कि भी चूक ओर परिणाम विनाशकारी भी हो सकता है एसा मै इसलिए कह रहा हूं जरा अाप लोगे पढेंगे ओेर खोजबीन करेंगे कि द्तीय विश्व युद्ध कैसे शुरु हुअा तो अाप कारण जान अपना सर पिट लिंगे एक जान कि कीमत के बदले सैकडो जानें कुर्बान कर दी गयी|
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